अंधविश्वास पर आधुनिकता की जीत: कैसे 'नोएडा के अपशकुन' को योगी-मोदी ने बनाया विकास का 'शुभ संकेत'
Modernity's Triumph Over Superstition
पीएम मोदी ने जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा के अपशकुन की धारणा को तोड़ा।
नोएडा अब उत्तर प्रदेश के विकास का चमकदार प्रतीक बना।
डॉ. विनम्र सेन सिंह। 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में दशकों से चली आ रही एक पुरानी धारणा को सार्वजनिक रूप से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी नोएडा जाने से मना किया गया था। दरअसल पीएम ने यह बात कहकर विपक्ष की दुखती रग पर हाथ रख दिया। एक दशक पहले तक यूपी की राजनीति में यही अवधारणा थी कि नोएडा जाना अपशकुन है। 2017 में जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बने तो उन्होंने इस अंधविश्वास को तोड़ा। आज जेवर एयरपोर्ट इसी साहस और दूरदर्शिता का परिणाम है, जो यूपी को भारत के विकास मानचित्र पर नई मजबूती दे रहा है।
अंधविश्वास ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के विकास को प्रभावित किया
उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक 'नोएडा जाना अपशकुन' की धारणा चली। इस विश्वास के अनुसार कोई भी मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में नोएडा जाए तो वह अगला चुनाव हार जाता है। इस अंधविश्वास ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के विकास को प्रभावित किया। पूर्व मुख्यमंत्रियों ने इस धारणा के कारण नोएडा से दूरी बनाए रखी।
2017 में जब योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इस पुरानी धारणा को चुनौती दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुर्सी आज चली जाए, लेकिन प्रदेश का भला होगा तो नोएडा जाएंगे। योगी ने इस अपशकुन को तोड़ा और दोबारा मुख्यमंत्री बनकर पूरी अवधारणा को बदल दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल में नोएडा क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
2017 के बाद तेज हुए विकास कार्य
2017 के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विकास कार्य तेज हुए। नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का विस्तार किया गया और क्षेत्र की आंतरिक कनेक्टिविटी मजबूत हुई। यमुना एक्सप्रेसवे को बेहतर बनाया गया और फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे जैसी सड़क परियोजनाओं ने क्षेत्र को पड़ोसी राज्यों से जोड़ा। औद्योगिक निवेश बढ़ा और नोएडा-यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तथा आईटी सेक्टर का प्रमुख केंद्र बनने लगा।
बदली हुई अवधारणा का सबसे बड़ा प्रतीक जेवर एयरपोर्ट
आज जेवर एयरपोर्ट इसी मानसिकता परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रतीक है। फेज-1 में 12 मिलियन यात्री क्षमता वाला यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बोझ कम करेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दक्षिणी हरियाणा, पूर्वी राजस्थान तथा उत्तराखंड तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के दौरान इस क्षेत्र के विकास पर जोर दिया।
इतिहास बन चुकी है नोएडा के अपशकुन होने की कहानी
नोएडा अपशकुन की कहानी अब इतिहास बन चुकी है। जहां पहले मुख्यमंत्री नोएडा आने से कतराते थे, वहीं योगी आदित्यनाथ ने बार-बार यहां आकर विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस धारणा को नजरअंदाज करते हुए नोएडा क्षेत्र को प्राथमिकता दी।
परिणामस्वरूप आज नोएडा-ग्रेटर नोएडा-यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बन रहा है। जेवर एयरपोर्ट न सिर्फ यूपी, बल्कि पूरे उत्तर भारत को नई उड़ान देगा। यह साबित करता है कि विकास के रास्ते में पुरानी धारणाओं को तोड़ना जरूरी है। मोदी और योगी की जोड़ी ने डर को हिम्मत में और अपशकुन को विकास में बदल दिया। नोएडा अब अपशकुन का प्रतीक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के तेज विकास का चमकदार उदाहरण बन चुका है।